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आजी - आजोबा
(मराठी फ़ीचर)

निर्देशक : मिलिंद दास्ताने
निर्माण का वर्ष : 2008
अवधि : 60 मिनट
संस्करण: 35 मिमी
कलाकार: अशोक शिंदे, ईश्वर बिर्डी, मेधा गोखले
बाल कलाकार : मिहिर अमृतकर, निखिल जोशी, पृथा महाजन

सार :

प्रेम कि कोई सीमा नही होती

आजी आजोबा, दो बच्चों अक्षय और तन्वी कि कहानी है जो एक संयुक्त परिवार का हिस्सा हैं. एक ठेठ शहरी परिवार जहाँ दोनों माता पिता उनके कैरियर और रूटीन में इतने तल्लीन हैं, कि उन्हें उनके बच्चों के साथ बैठने तथा वार्तालाप करने के लिये समय नहीं है. परिणाम ? बच्चे अकेलेपन महसूस करते है वे नही जानते कि अपने निरन्तर प्रश्नों और सवालों को समझने के लिए किसके पास जाये, उन्हें रिश्तों कि गर्मी जो भावनात्मक प्यार और स्नेह कि जरूरत है वह नहीं मिलती है और कम से कम उनकी दुनिया को समझ सके.

बच्चे खुश नहीं हैं और एक बार वे एक बुढे युगल के सामने आते है जो सिर्फ बच्चों की दुनिया को ही नही समझते बल्कि उन्हे इस दुनिया में बच्चों की देखभाल करने के लिए और बच्चे क्या कहना चाहते है तथा उन्हे किस चीज कि जरूरत है इसलिए समय है और यह भी देखते है कि उनकि भावनात्मक जरुरते और चाह पूरी हो रही हैं.

बच्चे इन दादा दादी को घर में लाना चाहते है लेकिन वहाँ सामाजिक बाधाओं, संरचनाओं, नियमों और विनियमों इस कदम को अनुमति नहीं देते हैं. लेकिन बच्चे उन्हें गवाना नहीं चाहते.
क्या उन्हें अपने दादा दादी मिलते है ? यदि हाँ, कैसे?

यह फिल्म बच्चों के दिल और मन कि यात्रा है जो प्लास्टिक के खिलौने और कंप्यूटर खेल से अधिक चाहते है, जो विटामिन और शक्ति पैक खाना कि तुलना से कुछ अधिक चाहते है ,

यह फिल्म उन माता पिता के बारे में है जो इतनी भागदौड कर रहे है कि वे जीवन नामक यात्रा की खुशी से लुप्त हो रहे है
यह फिल्म हम और हमारे बच्चों के बारे में है, तथा हमारी और बच्चों की मासूम दुनिया के बीच गरमी, देखभाल और समझदारी के एक पुल की तत्काल आवश्यकता को दर्शाया गया है.

 

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